हरिगोपाल हर्ष ‘सन्नू‘
नाम - हरिगोपाल हर्ष ‘सन्नू‘ जन्म - 12 अप्रैल 1942 षिक्षा - ( स्नातक,आर्ट सर्टिफिकेट आर्ट डिप्लोमा) आई.जी.डी.महाराष्ट्र सरकार कार्यक्षेत्र - षिक्षण संस्थान (1) धोलेरा गांव में प्रथम सरकारी स्कूल - सन् 1961 (2) सरदार षहर निजी षिक्षण संस्था में - सन् 1963 (3) तेजरासर गांव में प्रथम सरकारी स्कूल - सन् 1964 (4) षिवबाड़ी में सरकारी स्कूल में कार्य किया - सन् 1970 (5) दफ्तरी सैकण्डरी स्कूल में कार्य किया - सन् 1971-1985 (6) राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल(सरदारषहर) - सन् 1985-86 (7) राजकीय षिक्षण-प्रषिक्षण महिला विद्यालय बीकानेर में -व्याख्याता के पद पर - सन् 1986-2000 षिक्षा क्षेत्र में योगदान - अकरीब छ- वर्षों तक निःषुल्क कला षिक्षण-करीब 2000 विद्यार्थियों को लाभ मिला। बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए निःषुल्क रहने-खाने की व्यवस्था। अनिःषुल्क थियोरी(सिद्धान्त) पेपर का बुलेटिन निकालकर और उसके द्वारा विद्यार्थियों को षिक्षित करना अपरीक्षा के समय कैसेट बनाकर प्रष्नों के उत्तर निःषुल्क विद्यार्थियांे मंे बांटना हस्तक्षेप - अराजस्थान में पहली बार चित्रकला षिक्षक संघ का गठन अखाली पड़ी पोस्टों को भरवाना असैंकेण्ड ग्रेड के व्याख्याता तक प्रमोषन को खुलवाना अइंडिया आर्ट यूनिट द्वारा विदेषों की आर्ट गैलरियों से सम्पर्क कर भारतीय चित्रकला को वहां तक पहंुचाना। पुरस्कार एवं सम्मान- (1) बीकानेर जिला षिक्षक दिवस समारोह-चित्रकला षिक्षक सम्मान-1975 (2) आदर्ष मौहल्ला नागरिक समिति द्वारा नागरिक सम्मान-1987 (3) राजकीय षिक्षक-प्रषिक्षण महिला विद्यालय द्वारा-चित्रकला क्षेत्र सम्मान-1987 (4) आचार्य युवा विकास संघ(बीकानेर) समाज को दी गयी अमूल्य सेवाओं का सम्मान-1987 (5)राजस्थान षिक्षक संघ कांग्रेस षैक्षणिक सम्मेलन-विद्यालय परिणाम उपलब्धि सम्मान-1988 (6) बीकानेर गौरव सम्मान समारोह-चित्रकला क्षेत्र-1991 (7) राष्ट्रीय उच्च अध्ययन षिक्षण संस्थान द्वारा चित्रकला प्रषस्ती पत्र-1997 कला क्षेत्र का कार्य- अआधुनिक कला के परिप्रेक्ष्य में करीब 200 पुस्तकों के आवरण पृष्ठ बनाया हैं जिसमें मुख्य है उत्पल दत,अरुण मुखर्जी,भैरव प्रसाद गुप्त,मैनेजर पाण्डेय,श्रीहर्ष हरीष भादाणी,अन्नाराम सुदामा,सरल विषारद,इसराइल इत्यादि......... अ‘वातायन‘ पत्रिका के कला पक्ष सहयोगी प्रसिद्ध कला कृतियां- अभूख,रिक्षा,जटायु,आत्महत्या के विरुद्ध(किसान आन्दोलन) नारी षोषण अपवित्र ‘बंधन‘-राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा जहांगीर आर्ट गैलेरी में लगायी गयी थी। अ1857 के विदªोह पर दस बड़ी पेंटिग प्रदर्षनी के लिए तैयार विषेष भविष्य योजना- अकला के माध्यम से सामाजिक,सांस्कृतिक संकट को रंगों रेखाओं द्वारा जनता में पहुंचाना अनये कलाकारों को संगठित कर-कला को गतिषील बनाना। विषेष - अमंच पर कविता पाठ एवं नृत्य पर उसी वक्त पेंटिग करना।