डॉ. पुरूषोत्तम छंगाणी

कवि, लेखक एडवोकेट


हिन्दी और राजस्थानी भाषा के लब्ध-प्रतिष्ठ डॉ. पुरूषोत्तम छंगाणी कवि, लेखक एडवोकेट जन्म स्थान एवं जन्म तिथि: जैसलमेर (राज.) 11.4.1941 एम.ए. (हिन्दी व इतिहास), साहित्य रत्न, पीएच.डी., पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (स्वर्ण पदक प्राप्त), एलएल.बी., श्रम विधि, श्रम कल्याण एवं कार्मिक प्रबंध में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, पर्यवेक्षण मेंराष्ट्रीय प्रमाण-पत्र (राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद) शोध कार्य: अ. थार संस्कृति को उजागर करने का कष्ट-साध्य कार्य डा. छंगाणी ने किया लोक-साहित्य की अन्य विधाओं पर इन्होंने कई शोध-पत्र लिखे हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि दूरस्थ रेगिस्तान में स्थित जैसलमेर को डॉ. छंगाणी ने नई पहचान दी है। आ. डा. छंगाणी राजस्थानी के उत्कृष्ट विद्वान हैं। डिंगल साहित्य का इन्होंने गहरा अध्ययन किया है। डिंगल के अंतिम कवि मेवाड़ के कवि षिरोमणि स्व. श्री नाथूसिंह महियारिया के शतकों एवं सतसई का अनुषीलन करते हुए एक शोध प्रबंध तैयारकिया है। इनके शोध प्रबंध पर सुखाड़िया विष्वविद्यालय ने डॉ.छंगाणी को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की है। 5. साहित्यिक लेखन: राजस्थानी एवं हिन्दी भाषा में उनकी कविताएं, लेख, छोटी है। प्राचीन लोक-गीतों,लोक-वाणियों तथा कहानियां आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाषित होती रहती हैं। उनकी अब तक निम्न पुस्तकें प्रकाषित हुई हैंः 1. सांसां रो सूत-(राजस्थानी काव्य) - पुरस्कृत 2. ओ मौसम कुचमादी है ( राजस्थानी काव्य) - पुरस्कृत 3. सुणज्यो म्हारा हेताळू ( राजस्थानी काव्य) 4. सुखी जीवन का रहस्य - (हिन्दी बाल कहानियां) 5. रंग-रंग के गीत सजे - (हिन्दी बाल गीत) 6. अपने-अपने स्वर्ग - (हिन्दी काव्य) 7. बिचाळै - (राजस्थानी कहानियां) 8. डिंगल कवि नाथूसिंह महियारिया (केन्द्रीय साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा प्रकाषित मोनोग्राफ) 6. दूरदर्षन व रेडियो के लिए लेखन: डॉ. छंगाणी ने दूरदर्षन व रेडियो के लिये लेखन कार्य किया है। दूरदर्षन बम्बई के लिए छोटे वृत्तचित्रों के लिये हिन्दी में कमेंट्री तैयार की है। आकाषवाणी के बम्बई, विविध भारती, बीकानेर, जोधपूर, बड़ौदा, जयपुर तथा उदयपूर केन्द्रों पर इनकीकविताएं, कहानियां एवं विभिन्न वार्ताएं समय-समय पर प्रसारित होती रहती हैं। 7. पुरस्कार एवं सम्मान: डॉ. छंगाणी को उनकी साहित्यिक साधनाओं के लिये कई पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं, उनका विवरण निम्नानुसार हैः 1. राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर ने उनकी राजस्थानी काव्य-कृति “सांसां रो सूत” पर वर्ष 1979 में पुरस्कार प्रदानकिया था। 2. राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर द्वारा उनकी राजस्थानी काव्य कृति “ओ मौसम कुचमादी” पर स्वर्गीय गणेषीलाल व्यास “उस्ताद” पुरस्कार प्रदान किया गया है। 3. राजस्थान माध्यमिक षिक्षा बोर्ड, अजमेर की सीनियर सैकन्डरी कक्षा हेतु राजस्थानी ऐच्छिक विषय पाठयक्रम में एक कवि के रूप में सम्मिलित। 4. केन्द्रीय साहित्य अकादमी, द्वारा प्रकाषित “राजस्थानीः आज री कविता” में एक प्रतिनिधि कवि के रूप में सम्मिलित। 5. नेषनल बुक ट्रस्ट, नई-दिल्ली द्वारा प्रकाषित “राजस्थानी के प्रतिनिधि कवि और कविताएं” संकलन में कवि के रूप में सम्मिलित। 3. सृजन मंच, बड़ी (उदयपुर) ने डॉ. छंगाणी को लोकमान की मानक उपाधि से सम्मानित किया है। 4. केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद, नई दिल्ली ने राजभाषा क्षेत्र में इनकी सेवाओं के लिए रजत-पदक से सम्मानित किया है। 5. पुष्करणा ब्राह्मण सभा, बम्बई ने डॉ. छंगाणी कोपत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिये स्वर्ण पदक प्रदान किया है। 6. जैसलमेर स्थापना दिवस पर साहित्यिक सम्मान प्राप्त। 7. तृतीय विष्व हिन्दी सम्मेलन में सहभागिता।