डॉ. हनुमान प्रसाद व्यास

कुलपति


डॉ हनुमान प्रसाद व्यास का जन्म 7 नवंबर 1946 को बीकानेर में हुआ। उन्होंने स्कूली शिक्षा बीकानेर में ही प्राप्त की तथा बीई और एमई बिट्स पीलानी से की। डॉ व्यास 1979 में भारत सरकार की स्कॉलरशिप प्राप्त करने के बाद अमेरिका चले गए तथा वहां पीएचडी की। डॉ व्यास 21 साल अमेरिका रहे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका की सेमी कंडक्टर इंडस्ट्री में अपनी सेवाएं दीं। डॉ व्यास 1994 में भारत आए तथा प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम के नेतृत्व में डीआरडीओ में वैज्ञानिक रूप में कार्य किया। 2003 में उन्हें डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन का निदेशक नियुक्त किया गया। उन्हें डीआरडीओ, इंडिया का सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार अंतरिक्ष और रक्षा विभाग में स्वदेशी तकनीक इजाद करने पर मिला। 26 अप्रेल 2012 को भारत से छोड़े गए एक सैटेलाइट में उनकी स्वदेशी तकनीक से बने 5250 पुर्जे शामिल किए गए। डॉ व्यास वर्तमान में बीकानेर के विद्य़ार्थियों को विज्ञान और गणित आदि की शिक्षा दे रहे हैं।